Wednesday, April 29, 2026
mirror, आईना, शीशा, परछाई
Thursday, March 19, 2026
वफ़ा, trust,
Monday, March 9, 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
Wednesday, February 25, 2026
सतोलिया, सात पत्थर
Tuesday, February 24, 2026
माँ बाप, गांव, छांव, दरख़्त
बूढ़े दरख़्त की छांव में, माँ-बाप के पाँव में।
सारा सुख बसा यहाँ, जैसे शीतल गाँव में।।
दुनिया की मधुशाला में सब, मदिरा पीकर चूर यहाँ,
कोई पद का लोभी बैठा, कोई मद में मग़रूर यहाँ।
पर तृप्ति जहाँ मिल जाती है, उस निश्छल से ठाँव में—
सारा सुख बसा यहाँ, जैसे शीतल गाँव में।।
मृगतृष्णा की रेती पर जब, पाँव थकन से जलते हैं,
झूठे जग के रिश्तों के जब, काँटे मन में खलते हैं।
तब मरहम सा अहसास छिपा, ममता की परछाँव में—
सारा सुख बसा यहाँ, जैसे शीतल गाँव में।।
सर्वेश, न मंदिर की मूरत, न काबे की है धूल बड़ी,
घर की उस बूढ़ी चौखट पर, जन्नत की है राह खड़ी।
हर तीर्थ सिमटकर आता है, इन वंदन के पाँव में—
सारा सुख बसा यहाँ, जैसे शीतल गाँव में।।
....सर्वेश दुबे
स्वरचित २४/०२/२०२६
Sunday, February 22, 2026
जब पति परदेश जाता है कमाने,विरह,
Wednesday, January 28, 2026
प्रेम, मिलन, love,
Tuesday, January 20, 2026
शीर्षक- प्रज्ञा-ज्योति: साक्षरता का महायज्ञ
Friday, January 16, 2026
सोच, Thought Process,
Friday, January 2, 2026
तू और सिर्फ तू
Wednesday, December 31, 2025
First Love, पहला प्रेम
Saturday, December 27, 2025
जिंदगी, life
Monday, November 10, 2025
संबंधों की परिभाषा, || रुके, देखें और सुने ||
Friday, November 7, 2025
पिता, बाप,
Friday, October 31, 2025
सच्ची मित्रता
Thursday, October 30, 2025
विरह का दर्द
Friday, October 24, 2025
प्रेम कविता, हमने फूल भेजा
शुभ दिवाली
विरह ,मीत,वेदना
मीत विरह की वेदना ऊर्जा से भरपूर.......
मिलने को मैं उड़ चला लाख गगन हो दूर.......
@सर्वेश
