Wednesday, April 6, 2016

इशारा है काफी समझ आप जाए

माँ बाप की दुआएं 
गर आप पाएं
इशारा है काफी
समझ आप जाए

चुनावी मौसम 
गर वो दिख जाये 
इशारा है काफी 
समझ प जाए

अदा देख उनकी
गर हार जाए                              
इशारा है काफी
समझ आप जाए

सोचे उन्हे ही 
और वो सपने में आये
इशारा है काफी
समझ आप जाये

जेबे बडी हो 
और झोला छोटा हो जाये
इशारा है काफी 
समझ आप जाये



-    सर्वेश दुबे

1 comment:

विभा रानी श्रीवास्तव said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 14 मई 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!