Wednesday, April 6, 2016

इशारा है काफी समझ आप जाए

माँ बाप की दुआएं 
गर आप पाएं
इशारा है काफी
समझ आप जाए

चुनावी मौसम 
गर वो दिख जाये 
इशारा है काफी 
समझ प जाए

अदा देख उनकी
गर हार जाए                              
इशारा है काफी
समझ आप जाए

सोचे उन्हे ही 
और वो सपने में आये
इशारा है काफी
समझ आप जाये

जेबे बडी हो 
और झोला छोटा हो जाये
इशारा है काफी 
समझ आप जाये



-    सर्वेश दुबे

Tuesday, August 28, 2012

इश्क और अश्क का कुछ इस कदर रिश्ता ! इश्क के जाते दूर अश्क आखो मे दिखता !!

Tuesday, July 27, 2010

ह्र्दय, तडप और प्यास कविता का अहसास

सोचता था कवि बनूगा
सरल सहज शब्दो को लेकर
ह्र्दयस्पर्शी कविता गडूगा
खुब तलाशे शब्द मैने, पढी
खुब कविताये
कुछ तो हम खुद समझ गये
कुछ वक्त ने समझाये
शब्दो का भन्डार अनुपम
गर्व से मै भर गया
उत्कृष्ट शब्दो से कविता
को मैने भर दिया
शब्द ग्यान के गर्व ने
कविता को नीरस कर दिया
ना दे सका आकार स्वप्न को
जो बचपन मे मैने थे बनाये
ह्र्दय तो खण्डित हो चुका
रात भर अश्रु बहाये
गर्व तो अब मर चुका था
तब मन को हुया अह्सास
कबिता को गुनने के लिये
हो ह्र्दय, तडप और प्यास
-सर्वेश -

Monday, July 26, 2010

मेरा दिल फ़्रिजाइल है

एक लडका जब प्यार के सागर के गोते लगाता है तो अपनी प्रेमिका से क्या अपेक्षा करता है

मेरा दिल फ़्रिजाइल है

मेरी याद मे तुम्हारी
तवियत ना बिगडें
लंच और खाना लेना तगडें
तुम्हारा ख्याल रखने की
ये मेरी स्टाईल है
प्रिये मेरा दिल ना तोडना
ये तो बहुत फ़्रिजाइल है।

जब भी चैट करो मुझसे
एक ही लाईन यूज करना
जितनी भी देर चैट करू
उतनी देर तुम भी करना
तुमसे चैट करने की
ये मेरी स्टाईल है
प्रिये मेरा दिल ना तोडना
ये तो बहुत फ़्रिजाइल है।


ज़ब भी तेरा फ़ोटो देखू
दिल मे कुछ कुछ होता है
सब कुछ तुझे सही बता दू
ऐसा मन मे होता है
तुझसे प्यार जताने की
ये मेरी स्टाईल है
प्रिये मेरा दिल ना तोडना
ये तो बहुत फ़्रिजाइल है।

बकौल तुम मै हू पहला
जिसने तुम को ILU बोला
साफ़ ह्र्दय मै रखता हू
इसीलिये मै तुमसे बोला
तुझसे मन की बात बताने की
ये मेरी स्टाईल है
प्रिये मेरा दिल ना तोडना
ये तो बहुत फ़्रजाइल है।

Saturday, September 26, 2009

आपका दशहरा,

आपका दशहरा,
हो प्यार से हरा भरा
खुशियो से युक्त रहे,
दु:ख ना हो जरा
प्रगति के नये सोपान लि्खो
धन सम्प्दा से युक्त दिखो
इस धरा पे तुम कर दो कुछ नया
हर दिशा मे तेरा नाम हो बँया
अपका दशहरा, हो प्यार से भरा
खुशियो से युक्त रहो, दु:ख ना हो जरा

---सभी को विजयादशमी के गर्व भरे पर्व पर मेरी तरफ़ से हार्दिक शुभकामनाये -------

Tuesday, September 22, 2009

नेता - देश को गडडे मे धकेलता ---

चुनाव के समय
आप बहुत नम्र दिखते है
आप बहुत विनम्र दिखते है
अरे मै तो भूल गया था
की आप नेता है ----------,
आप संसद मे प्रश्न उठाते
बदले मे पैसे कमाते
आप तो पीठ मे छूरा
भोकने मे उस्ताद है
अरे मै तो भूल गया था
की आप नेता है------------

अरे आज जिनके आगे
वोटो के लिये सर झुकाते है
चुनाव जितने के बाद आप उनको
तबियत से धकियाते है
अरे मै तो भूल गया था
की आप नेता है,----------

पहले आप एक दुसरे पर संसद मे माईक
और कुर्सी खींच कर मारते है
आज आप कुर्सी के लालच मे एक दुसरे
की दोस्ती कि डींगे हाकते है
अरे मै तो भूल गया था
की आप नेता है,----------

ऐसे लोग देश को चला रहे है
देश पे मर मिटने वाले शहीदों के
अरमानो को जला रहे है

हे प्रभो ! नही नही हे जनता !
आप ही इस देश को बचा सकते है
देश के गद्दारो को सबक सिखा सकते है

मँहगाई और तनख्वाह

मँहगाई और तनख्वाह
एक बहुत आगे एक बहुत पीछे

आइये मँहगाई पे कुछ चित्र खीचें

दिन मे दिखाये ये सबको तारे
जिससे परेशान सभी है बेचारे

मँहगाई की पीछा जो कभी ना कर पाये
वही महीने की तनख्वाह कहलाये

कुछ समय बाद किलो मे, वस्तुओ
को खरीदना स्वप्न हो जायेगा
10 ग्राम घी खरीदने के लिये भी बैक
सस्ते दर पे कर्ज उपलब्ध करवायेगा

महिने के लिये घर का राशन
तौल कर नही गिन कर आयेगा
आने वाले समय मे आदमी अपनी
जेबे बडी और झोला छोटा सिलवायेगा


मँहगाई की परिभाषा,
ये कभी कम हो होगा, मत
करना ऐसी मूर्खतापूर्ण आशा


एक तरफ़ गडढा एक तरफ़ खाई
इस कहावत का नया रूप होगा
एक तरफ़ तनख्वाह एक तरफ़ मँहगाई

शादी के विग्यापन कुछ इस तरह
आवश्यकता है – वर की -------,
ब्राह्मण हो या चाहे हो कसाई
पछाड सके उसको जिसको कहते है मँहगाई